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इंतज़ार

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इंतज़ार   मुझे , आपको , हम सबको उस सुबह का जब निर्भया के दोषियों को फांसी की सज़ा होगी और शायद तब बहुत कुछ बदल जायेगा , शायद ऐसी घटना को अंजाम देने से पहले अपराधी दस बार सोचेंगे , और शायद तब ऐसी घटनाये बहुत कम देखने को मिलेगी, इसलिए इंतज़ार है उस सुबह का जो  शायद  एक नई सुबह होगी, पर अगर ऐसा नहीं हुआ तो ऐसी घटनाये तभी बार बार होती रहे तो... क्योंकि निर्भया के अपराधियों को भले ही अब फांसी दी जाने वाली हो पर फांसी की सज़ा तो 2013 में ही हो गयी थी... तब से अब तक क्या कुछ बदला? नहीं, कम से कम आंकड़े तो यही कहते है, 'नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो'   की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर एक घंटे में 4 रेप की घटना होती है,अकेले राजधानी दिल्ली में हर दिन 6 महिलाएं  रेप और गैंगरेप की शिकार होती है और 9 महिलाएं छेड़छाड़ का शिकार होती है... वही आकड़ो के मुताबिक 2012 में रेप के 24923  मामले सामने आये इसी तरह 2013 में 33707 मामले 2014 में 35735 मामले , 2015 में 34210 मामले , 2016 में 38097 मामले , 2017 में 32559 मामले , 2018 में 33356 मामले , 2019 में...

निर्भया की चिट्ठी...

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निर्भया की चिट्ठी... मेरे जाने के बाद क्या बदला माँ दोषी पकड़े गए क्या उन्हें सजा हुई क्या जग मेरे उपर तो नहीं हंसा मेरे समय और कपड़े पर किसी ने कुछ कहा क्या तुम रोयीं तो क्या जग भी रोया माँ मेरे जाने के बाद क्या बदला माँ । मेरे जाने के बाद क्या बदला माँ अब तो हर लड़की सुरक्षित है न माँ रात का अंधेरा उन्हें डराता तो नहीं न जाने कब कौन आदमी के वेश में भेड़िया निकल जाए ये डर उन्हें सताता तो नहीं न्यायपालिका ने तेरी गुहार सुनी होगी फाँसी की सज़ा भी ज़रूर हुई होगी चुप क्यों है बता न माँ मेरे जाने के बाद क्या बदला । तेरी चुप्पी बताती है सड़क अब भी डरावनी है तेरी चुप्पी बताती है रातें अब भी डरावनी है तेरी चप्पी बताती है हालात अब भी डरावने है तेरी चुप्पी बताती है मैं अब भी हर रोज़ मरतीं हूँ तेरी चुप्पी बताती है मैं आज भी इंसाफ़ को तरसतीं हूँ तेरी चुप्पी बताती है ,मेरे जाने के बाद कुछ नहीं बदला माँ मेरे जाने के बाद कुछ नहीं बदला ।।